दीपक महाजन प्रस्तुत "द गोल्डन ईरा " हिंदी अजरामर गीतांचा अनोखा कार्यक्रम
दीपक महाजन प्रस्तुत "द गोल्डन ईरा " हिंदी अजरामर गीतांचा अनोखा कार्यक्रम दि.२५ मार्च २०२४ रोजी निवारा नवी पेठ पुणे येथे आयोजित केला होता. यामध्ये सफर सिनेमा जो तुमको पसंद वही बात कहेंगे, रॉकी सिनेमा - दिलं कही लगता नहीं क्या, सोला बर्ष की, अमरप्रेम कुछ तो लोग कहेंगे..भूल गया सब कुछ याद...ntamhan सिनेमा वो शाम आती मगर ऐसी नहीं थी..रोज रोज घटा..शागीर्द.. वही जरा खपा खपा... न बोल दू तो क्या करू, आराधना सिनेमा -रूप तेरा मस्ताना, आराधना...कोरा कागज था मन मेरा, गाईड पिया तो से नयना लागे जाने क्या लागे रे,मंझिलो अपने जगाह रस्ते अपानी जागाह..घर सिनेमा - आपकी आखों मे मेहके,मेरे सनम...ये रश्मी झुल्पे का अंधेरे ना घबरा,गझल... बाजार..झिडजीडी रात फुलोंकी दिल..फुले के हाथ,हाथकडी.. जवानी जानेमान.. डिस्को स्टेशन डिस्को..दो रास्ते ... छुप गये सारे..दीनमे रात हो,The Train... ये आयोना गले लगवो ना.. देखो सिनेमे हलचल मची..गुलाबी आखे .. शराबी ये दिल, झूटा काहिका.. जीवन के हर मोड पे मिल जायेगे हम सफर. होळी निमित्य - कार्यक्रमाची सांगता सिलसिला सिनेमातील - रंग बरसे चुनरिया ...